sitemap.xml - Search
Open links in new tab
    Kizdar net | Kizdar net | Кыздар Нет
  1. Poetry Explainer | Read Poems, Lyrics & Meanings

    Free poetry library and lyrics explainer. Read poems and song lyrics with translations, meaning, and line-by-line analysis in 180+ …

  2. गुनगुनाया हमें / राकेश खंडेलवाल - कविता कोश

    वो हमारा था तुमने सुनाया हमें ध्यान अपना लगा कर थे बैठे हुए, भूल से ही सही कोई आवाज़ दे आई लेकर सदा न इधर को सबा,

  3. हमें एक दूसरे को / अज्ञेय - कविता कोश

    हम क्यों अपने को एक-दूसरे से बाँधने का प्रयत्न कर रहे हैं-जब कि हमारे बीच में पीड़ा के अतिरिक्त किसी बात का सान्निध्य नहीं है?

  4. Google Translate

    इसकी मदद से शब्दों, वाक्यांशों, और वेब पेजों का हिन्दी और 100 से ज़्यादा अन्य भाषाओं में तुरंत अनुवाद किया जा सकता है.

  5. ख़ुमार बाराबंकवी की ग़ज़लें | रेख़्ता

    हम उन्हें वो हमें भुला बैठे तिरे दर से उठ कर जिधर जाऊँ मैं आँखों के चराग़ों में उजाले न रहेंगे वो हमें जिस क़दर आज़माते रहे

  6. "माँ मुझे डर लगता है"? – इंदु वर्मा – Sahityapedia

    Feb 6, 2017 · मां मुझे डर लगता है . . . . बहुत डर लगता है . . . . सूरज की रौशनी आग सी लगती है . . . . पानी की बुँदे भी तेजाब सी लगती हैं . . . मां …

  7. अल्लामा इक़बाल की शायरी | रेख़्ता

    यह शेर कहता है कि जीवन का अर्थ बाहर नहीं, अपने भीतर झाँकने से मिलता है। “डूबना” अपने मन की गहराई में उतरने का रूपक है, जहाँ असली …

  8. दरवाज़े खुले हैं हमेशा… - कविता | हिन्दवी

    उलीच देते हो अपने अंदर के ग़ुस्से को और वो हतप्रद-सी ढूँढ़ती रहती है उस घर मे अपने वजूद को वह घिसती रही ख़ुद को इस घर को चमकाने में

  9. मुझे दफना कर खुशी मिले.... - मुझे दफना कर खुशी मिले - Amar Ujala Kavya

    मुझे दफना कर खुशी मिले तो दफना देना "संदीप" को अब मौत से प्यार कब्र में है अब घर उसका कभी निकलो मेरी कब्र के पास तो सूखा फूल ही …

  10. कुमार विश्वास - विकिसूक्ति

    यदि अंधकार से लड़ने का संकल्प कोई कर लेता है; तो एक अकेला जुगनू भी अंधकार को हर लेता है। आप अपना प्रकाश स्वयं बने।